Friday, 14 April 2017

दीदी को बेटे की चाहत

ये कहानी मेरी दिदि की चुदाई की है ।मेेरी दिदि की उम्र 32 साल है ।उनके 2 बच्चे है, दोनों लड़की है ।मेेरी दिदि एकदम मस्त माल हैं ।गोरा बदन, 36 साईज की चुुुचिया ,38 की गाड, 34 की कमर ,गहरी नाभी ।ऐसा की एक बार कोई देेेेख ले तो लंंड बिना खड़ा किए रह नहीं सकता ।मेेरी दिदि हमेेशा गिरा हुुुआ गला का ब्लाउज पहनती हैं ।बात तब की है जब दिदि घर आई थी, एक दिन हमारे घर  पंंडित जी आए, वो हमारे घर में बहुत पहले से पूूूूजा करवाते थे ।
हमारे घर के सभी लोग उनका सम्मान करते थे ।सभी लोग उनसे आशीर्वाद ले रहे थे ।फिर थोड़ी देेेर बाद दिदि उनका पैैैर छुुुके आशीर्वाद लेेेेने के लिए झुुुुकी तो उनका आँचल सड़क गया, जिससे दिदि की चुुची की गहराई को देखकर  पंंडित जी की आँखे चमक उठी ।

फिर कुुुछ देेेर दिदि को देेेेखने के बाद पंंडित जी बोले बेेेेटी तुम्हारे माथे की लकीर बता रही हैं कि तुुम्हे कुुुछ परेेेेसानी हैं ।

 तुम्हारे मन की इच्छा पूूरी नहीं हो रही हैं ।दिदि बोली हा बाबा आप सही कह रहे हैं, दिदि बोली, बाबा मैं क्या करू जिससे मेेरी मन की इच्छा पूरी हो जाएगी ।मैं कुुुछ भी करने को तैैैयार हू ।पंंडित जी बोले , कल तुुुम मेेेरेे आशृृृृम में आ कर मिलो उपाय बतााऊंगा ।और पंंडित जी चले गए ।अगले दिन दिदि तैैैयार होकर बोली, राज जरा आश्रम तक छोड़ दो, मैं दिदि को लेकर आश्रम पहुुँचा, तो वहा पर पंंडित जी अकेले बैैठे हुुुुए थे ।दिदि उन्हें पृृणाम की तब पंंडित जी आशीर्वाद देेेेने के बहाने उनका पिठ सहलाने लगे, तभी उनका नजर मुुझपे पड़ा तो अपना हाथ हटा लिये, और बोले बेेेेटी अंंदर चलो, अंंदर चलकर बाते करते हैं ।तब दिदि बोली राज तुुुुम बाहर बैैठो मैं थोड़ी देर में आती हूूँ ।मैं बोला ठीक है दिदि ।दिदि पंंडित जी के साथ अंंदर चली गई।बाहर से कुुुछ दिखाई नहीं दे रहा था बस आवाजें आ रही थी ।तो मैं ध्यान से सुुुननेे लगा ।पंंडित जी बोले ,बताओं क्या परेसानी है, तो दिदि बोली बाबा मुुझे 2 लड़कियाँ हैं बस मुझे एक बेेटा चाहिए ।तब पंंडित जी बोले इसके लिए तम्हें तन और मन से  पूूजा करनी होगी ।

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मैं तमसे जो पुुुछू उसका जबाब सच सच देेेना ।पंंडित जी ने दिदि को कुुुछ दिया, बोले खा जाओ दिदि उसे खा गई ।थोड़ी ही देर में दिदि को नसा सा छाने लगा ।पंंडित जी ने दिदि से पूूूूछा ,तुुुुम्हरा मासिक समय पर आता है की नहीं, तब दिदि बोली आता है बाबा,अभी तो 5 रोज पहले खत्म हुुुआ हैं ।तब बाबा बोले तुुम्हारे अंंदर  बेेेटा वाला बीज डालना होगा।तब दिदि बोली डालिए न।तब बाबा ने दिदि की ब्लाउज को खोल दिया और दिदि की चुुुची को दबाने लगे, और दिदि से पूछा कैैसा लग रहा है,दिदि बोली अच्छा लग  रहा है ।फिर पंंडित जी ने दिदि को नंंगा कर दिया और उनके बुुुर को चुसने लगा ।थोड़ी देर बाद दिदि बोली मुझसे अब रहा नहीं जाता ।तो पंंडित जी ने दिदि की टागेेेे चौरी की और एक ही बार में पूूरा 11 इंच का लंंड दिदि की बुुुर मै घुुसा दिया दिदि कराह उठी ।पंंडित जी ने दिदि को पूूूरे 30 मिनट तक चोदा ।और बोले पूूूरे 9 दिन आना ।बेेेटा जरूूूर होगा।