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Monday, 14 August 2017

भाई के सामने बहन की ग्रुप में चुदाई

मैं राज गर्ग एक बार फिर से हाज़िर हूँ नई कहानी लेकर जिसमें भाई ने बहन को चोदा!

दोस्तो, माफी चाहूँगा स्टोरी देर से लिखने के लिए… आपको तो पता है आजकल टाइम निकलना कितनी बड़ी बात है.
अभी मैं आपको अपनी एक नई स्टोरी के साथ!

जैसा कि आप सभी जानते हो कि मेरा वाइफ स्वैपिंग क्लब है जिसमें बहुत सारे कपल हैं जो वाइफ स्वैपिंग का मज़ा लेते हैं. आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |
कुंवारी चूत चुदाई का आनन्दमयी खेल-1

दोस्तो, आपको याद होगा कि मैंने आपसे पिछली स्टोरी में आप लोगों से एक सलाह माँगी थी जिसके जवाब में मेरे पास बहुत सारी मेल आई, उन मेल में बहुत सारे सुझाव भी आए. आप सभी के सुझाव और आप आपके इस प्यार के लिए मैं आप सभी को दिल से धन्यवाद करता हूँ.


चलो दोस्तो, मैं आपका अधिक वक़्त ना खराब करते हुए सीधे कहानी पर आता हूँ!

जैसा आपने मेरी एक कहानी >> सगे भाई बहन ग्रुप सेक्स के खेल में

में पढ़ा कि अग्रवाल साहब अपनी बहन पूजा गोयल को क्लब में देखकर काफ़ी हैरान हुए थे. तो हम लोगों के सामने एक गंभीर समस्या आ गई थी कि कैसे पूजा और अग्रवाल भाई बहन होते हुए सेक्स कर सकते हैं तो जैसे ही आप लोगों के सुझाव को ध्यान रखते हुए मिस पूजा गोयल ने अपने भाई के सामने एक शर्त रखी- आप मेरे भाई हैं लेकिन मैं आपके साथ बेइंसाफी नहीं कर सकती हूँ कि आप मुझे ना छुएं! मैं घर पर आपकी बहन हूँ, लेकिन यहाँ आप चाहो तो मुझे आप अपनी वाइफ भी बना सकते हो! लेकिन घर पर मैं आपकी बहन ही रहूँगी.
अग्रवाल साहब हाँ बोले!

पड़ोस की लड़की की कुँवारी चूत ली 

सबने अपने अपने जाम उठाए और पूजा के नाम लगाए. पहला जाम लगते ही पूजा बोली- इस खेल की शुरुआत मैं करूँगी अपने भाई की वाइफ बन कर!
और पूजा जल्दी से अपने भाई का लंड अपने मुँह में लेकर ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी.
अग्रवाल साहब पूजा का सिर पकड़ कर अपने लंड पर दबाने लगे और बोले- ले चूस ले अपने भाई का लंड… उम्म्ह… अहह… हय… याह… निकाल दे इसका सारा माल अपने मुँह में!

पूजा ने उनका लंड 8-10 मिनट तक चूसा और उनका पानी निकाल दिया, सारा माल खुद पी गई.
फिर पूजा ने अपने भाई को बोला- भाई जी, आओ अब तुम्हारी बारी है मेरी फाड़ने की… देखती हूँ कितना दम है मेरे भाई के लंड में!

कुछ देर मेहनत करके पूजा ने फिर से अपने भाई का लंड खडा किया और अग्रवाल ने अपना लंड अपनी बहन की फुद्दी में उतार दिया एक ही झटके में!
पूजा तो ऐसे उछली कि मानो जैसे लंड फुद्दी में नहीं गांड में डाल दिया हो! पूजा ने एकदम लंड को निकाल दिया अपनी फुद्दी से… बोली- भाई, आराम से डालो… आपकी बहन की नाजुक सी फुद्दी है, और मैं भाग थोड़े रही हूँ!
तो अग्रवाल मज़े लेते हुए बोला- पता चल गया कि तुम्हारे भाई के लंड में कितना दम है?
पूजा बोली- हाँ, पता चल गया! आराम से डालो और मारो मेरी फुद्दी!

गाण्ड मेरी पटाखा बहन बानू की (Gaand Meri Patakha Bahan Banu ki)

फिर से अग्रवाल साहब ने लंड अपनी बहन की चूत में डाला और दस मिनट तक लगातार बिना रुके बहन को चोदा और अपनी बहन पूजा को झड़वा दिया.
फिर अग्रवाल साहब ने बोला- मेरा भी होने वाला है पूजा, बोलो माल अंदर डालूं या मुँह में लोगी?
पूजा बोली- मुँह में लूँगी!
यह बोल कर उसने अपना मुख खोल दिया और अग्रवाल ने अपना लंड उसमें घुसा दिया. पूजा उनका सारा माल पी गई. आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |
मेरे बहन गुड्डी के चूत में डाला (Mere Behen Guddi Ke Chut mein dala)

फिर सबने बारी बारी पूजा की चूत की ठुकाई की, पूरी रात उसकी फुद्दी के मज़े लिए और सुबह सब अपने अपने घर निकल गये.
लेकिन जाते जाते पूजा ने अग्रवाल साहब का एक बार फिर लंड चूसा और माल पिया, बोली- मेरी शर्त याद रखना!
तो अग्रवाल साहब बोले- ठीक है!

दोस्तो, आपको मेरी स्टोरी कैसी लगी जिसमें एक भाई ने बहन को चोदा? मुझे मेल करके ज़रूर बतायें, मुझे आपके मेल्स का इंतज़ार रहेगा.
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सगे भाई बहन ग्रुप सेक्स के खेल में

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Friday, 14 April 2017

दीदी को बेटे की चाहत

ये कहानी मेरी दिदि की चुदाई की है ।मेेरी दिदि की उम्र 32 साल है ।उनके 2 बच्चे है, दोनों लड़की है ।मेेरी दिदि एकदम मस्त माल हैं ।गोरा बदन, 36 साईज की चुुुचिया ,38 की गाड, 34 की कमर ,गहरी नाभी ।ऐसा की एक बार कोई देेेेख ले तो लंंड बिना खड़ा किए रह नहीं सकता ।मेेरी दिदि हमेेशा गिरा हुुुआ गला का ब्लाउज पहनती हैं ।बात तब की है जब दिदि घर आई थी, एक दिन हमारे घर  पंंडित जी आए, वो हमारे घर में बहुत पहले से पूूूूजा करवाते थे ।
हमारे घर के सभी लोग उनका सम्मान करते थे ।सभी लोग उनसे आशीर्वाद ले रहे थे ।फिर थोड़ी देेेर बाद दिदि उनका पैैैर छुुुके आशीर्वाद लेेेेने के लिए झुुुुकी तो उनका आँचल सड़क गया, जिससे दिदि की चुुची की गहराई को देखकर  पंंडित जी की आँखे चमक उठी ।

फिर कुुुछ देेेर दिदि को देेेेखने के बाद पंंडित जी बोले बेेेेटी तुम्हारे माथे की लकीर बता रही हैं कि तुुम्हे कुुुछ परेेेेसानी हैं ।

 तुम्हारे मन की इच्छा पूूरी नहीं हो रही हैं ।दिदि बोली हा बाबा आप सही कह रहे हैं, दिदि बोली, बाबा मैं क्या करू जिससे मेेरी मन की इच्छा पूरी हो जाएगी ।मैं कुुुछ भी करने को तैैैयार हू ।पंंडित जी बोले , कल तुुुम मेेेरेे आशृृृृम में आ कर मिलो उपाय बतााऊंगा ।और पंंडित जी चले गए ।अगले दिन दिदि तैैैयार होकर बोली, राज जरा आश्रम तक छोड़ दो, मैं दिदि को लेकर आश्रम पहुुँचा, तो वहा पर पंंडित जी अकेले बैैठे हुुुुए थे ।दिदि उन्हें पृृणाम की तब पंंडित जी आशीर्वाद देेेेने के बहाने उनका पिठ सहलाने लगे, तभी उनका नजर मुुझपे पड़ा तो अपना हाथ हटा लिये, और बोले बेेेेटी अंंदर चलो, अंंदर चलकर बाते करते हैं ।तब दिदि बोली राज तुुुुम बाहर बैैठो मैं थोड़ी देर में आती हूूँ ।मैं बोला ठीक है दिदि ।दिदि पंंडित जी के साथ अंंदर चली गई।बाहर से कुुुछ दिखाई नहीं दे रहा था बस आवाजें आ रही थी ।तो मैं ध्यान से सुुुननेे लगा ।पंंडित जी बोले ,बताओं क्या परेसानी है, तो दिदि बोली बाबा मुुझे 2 लड़कियाँ हैं बस मुझे एक बेेटा चाहिए ।तब पंंडित जी बोले इसके लिए तम्हें तन और मन से  पूूजा करनी होगी ।

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मैं तमसे जो पुुुछू उसका जबाब सच सच देेेना ।पंंडित जी ने दिदि को कुुुछ दिया, बोले खा जाओ दिदि उसे खा गई ।थोड़ी ही देर में दिदि को नसा सा छाने लगा ।पंंडित जी ने दिदि से पूूूूछा ,तुुुुम्हरा मासिक समय पर आता है की नहीं, तब दिदि बोली आता है बाबा,अभी तो 5 रोज पहले खत्म हुुुआ हैं ।तब बाबा बोले तुुम्हारे अंंदर  बेेेटा वाला बीज डालना होगा।तब दिदि बोली डालिए न।तब बाबा ने दिदि की ब्लाउज को खोल दिया और दिदि की चुुुची को दबाने लगे, और दिदि से पूछा कैैसा लग रहा है,दिदि बोली अच्छा लग  रहा है ।फिर पंंडित जी ने दिदि को नंंगा कर दिया और उनके बुुुर को चुसने लगा ।थोड़ी देर बाद दिदि बोली मुझसे अब रहा नहीं जाता ।तो पंंडित जी ने दिदि की टागेेेे चौरी की और एक ही बार में पूूरा 11 इंच का लंंड दिदि की बुुुर मै घुुसा दिया दिदि कराह उठी ।पंंडित जी ने दिदि को पूूूरे 30 मिनट तक चोदा ।और बोले पूूूरे 9 दिन आना ।बेेेटा जरूूूर होगा।
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Maa or Bahan ki Ek Sath Chudai



hello dosto mera naam ravi hai or me aapni aachi ghatna batane jaa raha ho eye ghatna us wakat ki hai jab me garmi ki chuti me ghar aaya tha mere maa or bahan ghar me akele hi rahte the mere maa ki umar 39 or bahan ki 23 year hai or mera umar 19 year ho raha hai ek din jab me subha utha to mujhe joor se pesab laga tha me batheroom me pesab karne gaya to jo waha dekha to heran hi rah gaya ek baat batadu me aapni maa ko pahle se hi buri najar se dekhta tha or meri maa bhi jaanti thi ki me kiya karna chahta tha to mene batheroom me jo dekha ki maa aapni chut me ugali kar rahi thi mene dekha to mene soch ki me to yahi chaah raha tha kiyuki ek do baar maa ko esi harkat karte dekh liya tha par muka par pahuch nahi pata tha us din mujhe moka mila or maa mujhe dekh kar sarma gai par me nahi sarmaya or maa ki sar par hath rakh kar sar sahlane laga maa boli aaj nahi beta aaj nahi to mene kaha kiyu maa booli abhi dard ho raha hai raat me mene maa ki baat maan liya par ek sart rakha fir maa se boola maa ek sart hai maa booli kesa sart mene kaha me aapki chut chatna chahta hu or boobs ko
aapni hatho se maslna chahta hu maa maan gai fir mene maa ko batheroom me leta kar muh maa ki chut ke paas le gaya or jiv se maa ki chut chatne laga or ek hath se maa ki boobs masal raha tha ese karib 5 min chala uske baad jab hum ek dusre se lipte hue the tab aachank se meri didi aa gai or dekh kar sarma gai or turan waha se bhag gai mene maa se kaha maa aap didi ko samjhana maa boole beta tum chinta mat karo me use bhi me use aapne sath usko bhi chudwane ko kahugi me maa ki muh se ye baat sunre hi ki didi ki bhi hum se hi chudwaegi to me maa ke hot ko turan jabran kiss kar diya hum log ko didi ke bare me baat karte 1 ghanta ho gaya tha fir maa kapdhe pahan kar didi ki paas gai me batheroom me hi rah gaya maa didi se puchi beti tum kab aai to didi booli maa jab aap or ravi dono lange ek dusare me chipke hue the tab mene sab dekh liya maa aap etani gandi ho mene kab sapne me bhi nahi soch tha maa booli nahi beti tum galat samjh rahi ho hai me galati ki lekin tumhare papa ke gujar jane ke baad aaj tak mene kisi se esa nahi karwaya hai tum bhi to ek orat ho tum to jaanti ho orate sex ke mamle me sabse aage hoti hai to didi booli maa ravi aapka beta hai or aap usi se maa booli beti tumhara boyfriend hai didi booli nahi tumne kabhi aapni chut me kisika land liya hai didi booli nahi maa kahi ki tabhi tum meri bhawana ko nahi samjh paa rahi hai maa booli beti tum eye baat kisi ke paas nahi kahna to didi ne kaha ek sart par nahi kahuga maa booli me bhi aapke sath sex karugi maa kahi haa kiyu nahi karo fir maa or didi puri lanagi ho gai didi ke boobs pura tait tha gand maa ki gand se bhi didi ka badha tha maa or didi 69 ki position me hoge or ek dusare ki chut chatne lage esa lagbhag 25min tak chalta raha fir me kapdha pahan kar batheroom se nikal kar aapne room chala gaya or maa or didi naha kar bazar chale gaye me becheni se raat kaa intejar kar raha tha kuch der ke baad raat ho gai maa or didi karib10 baje raat me mere room me aai fir dono mere bed par let gai fir maa booli ravi pahle aapni didi ko chod fir baad me mujhe chudna mene maa ki baat maan kar didi ki kapdhe utarne laga didi aakhe band kar le mene didi ko langa kar diya udar maa bhi langa ho gai fir maa mera 8 inc ka land muh me le kar chusne lagi or me didi ki chut ko chatne laga didi pahli baar sex karwa rahi thi maa bool beta ab mera chut chato or didi tumhari land legi maa ka chut chatne laga didi mera land chatne lagi
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Saturday, 8 April 2017

Meri didi ki chut ka ras



ये कहानी मेरी दीदी के साथ चुदाई की है ।मेरी दीदी की उमृ 30 साल है ।उनके 3बच्चे है ।मेरे जीजा जी बाहर काम करते है ।बात तब की है जब मैं दीदी के यहाँ घुमने गया, वैशे मेरी शादी जब से हुआ मुझे समय ही नहीं मिलता कहीं जाने के लिए । जब मैं दीदी के यहाँ पहुँचा, दीदी मुझे देखकर बहुत खुश हुई। दीदी से थोड़ी बात चीत करने के बाद बाहर चला गया ।साम को जब आया तो दीदी खाना बना रही थी ।तो मैं बच्चों को पढाने लगा।थोड़ी देर बाद दीदी ने आवाज लगाई ,आदी खाना लगा दिया है आ जाओ।सभी मिलकर एक साथ खाना खाए और सोने की तैयारी होने लगी । दीदी बोली आदी बरसात का मौसम है यही बेड पर सो जाना।

मैं और बच्चे सोने लगे,थोड़ी ही देर में बच्चे सो गए।मुझे निद नहीं आ रही थी सो मैं गेम खेलने लगा ।थोड़ी देर बाद दीदी मेरे बगल में आकर बैठ गई,और बातें करने लगी । बातों बातों में  दीदी ने पूछा, आदी शादी के 2 साल हो गए में अभी तक कोई बच्चा नहीं, क्या बात है ।तो मैं बोला दीदी फैमिली प्लानिंग चल रहा है, बच्चों का क्या जब चाहो कर लो ।

दीदी बोली हा मौज मस्ती कर लो,नहीं तो बाद में कुछ नहीं होता ।मतलब-मैं बोला ।तो दीदी बोली तुम्हारे जीजू का तो मुझसे मन भर गया है ।तो मैं बोला दीदी आप तो इतनी सुन्दर हो, अब तो और सेक्सी हो गयी, मुझे तो आपका सबकुछ अच्छा लगता हैं ।तो दीदी बोली मुझमें ऐसा क्या है जो तुम्हें अच्छा लगता हैं ।मैं बोला सच पूछो तो मुझे लड़कियों से ज्यादा औरतें अच्छी लगती है ।और आप तो पूरी औरत हो।मुझे आपकी बड़ी बड़ी चुचिया और उभरे हुए गाड बहुत अच्छी लगती है ।तो दीदी बोली पागल हो क्या, मेरा तो सबकुछ ढिला हो गया है ।


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Wednesday, 8 February 2017

मजेदार चुदाई की कहानी पढ़ के लंड और चूत से पानी निकल जायेगा

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Sunday, 16 October 2016

मेरी बहन मुझसे चुदना चाहती है



हैलो फ्रेंड्स, मस्ताराम.नेट पर यह मेरी पहली सेक्स कहानी है। यह मेरे जीवन की एक सच्ची घटना है, मुझे उम्मीद है कि आप सभी इसको पसंद करेंगे।

मैं अपना नाम तो नहीं बताऊँगा लेकिन मैं आप सबके साथ अपनी लाइफ का एक ऐसा इन्सिडेंट शेयर करना चाहता हूँ जिसे मैं आज भी याद करके बहुत दुखी होता हूँ।
आपको मेरी स्टोरी के अंत में पता चलेगा कि मैं दुखी क्यों होता हूँ।

पिछले 3-4 सालों से मस्ताराम.नेट पर हिन्दी सेक्स कहानी पढ़ पढ़ कर ख़ास तौर से ‘रिश्तों में चुदाई’ ने मुझे अपना ये वाकिया लिखने को मजबूर कर दिया।
मैंने कई बार सोचा कि इसे इस साइट पर शेयर करूँ.. पर अपराधबोध जैसा महसूस होने के कारण मैं इसे लिख नहीं पाया।
हालांकि मुझे तो नहीं लगता कि मैंने जितनी कहानियां पढ़ी हैं, उनमें से कोई सच्ची भी होगी या नहीं..
पर तब भी आज मैंने तय किया और इस घटना को लिख दिया।

दोस्तो मेरी उम्र इस वक़्त 21 साल की है, मैं शिमला का रहने वाला हूँ।

मेरी एक चचेरी बहन है.. जो मुझसे से 2 साल बड़ी है। वो मेरे ताऊ-ताई की बेटी है।

ये बात आज से तकरीबन एक साल पहले की है, मुझे तारीख ठीक से याद नहीं है.. पर मैं अपनी छुट्टियों में अपने ताऊ-ताई के घर पर गया था।
उनके 2 बच्चे हैं.. एक बेटा जो मुझसे 4 साल बड़ा है और बेटी जो कि मुझसे 2 साल बड़ी है।

वो देखने में इतनी क़यामत तो नहीं है.. लेकिन इतनी ज़रूर है कि कोई उसे एक बार देख ले तो रात को उसे याद करके एक बार मुठ तो ज़रूर मारेगा ही।

मतलब अगर मैं उसे नम्बर देने के लिए सोचूँ तो 10 में से दस नम्बर ही दूँ.. वैसे 8.5 तो बनते ही हैं।

तो जैसे कि मैं बता रहा था कि मैं अपनी छुट्टियों में उसके घर पर था, रात को मैं और मेरी बहन एक साथ सोते थे।

मेरे दिमाग़ में उसके लिए ऐसे तो कोई गलत भावना कभी भी नहीं आई थी.. लेकिन उस वक्त स्थिति कुछ ऐसी थी कि ना चाहते हुए भी मैं अपने आपको रोक नहीं पाया।

काफ़ी दिन उनके घर रहने के बाद एक रात हम दोनों किसी विषय पर बातें कर रहे थे।

कुछ दर बाद जब हम सोने जा रहे थे, तो उसने कहा- मैं जब सोने जाती हूँ तो मुझे एकदम से इतनी गहरी नींद आ जाती है कि अगर उस वक्त कोई मुझे हिलाए भी तो मुझे पता नहीं चलता।
मैंने कहा- ऐसा नहीं हो सकता है।

उसने कहा- यकीन नहीं होता तो मेरे सोने के 2 मिनट बाद ही मुझे कुछ भी करके देख लेना.. मुझे पता ही नहीं चलेगा।
मुझे लगा ये सच बोल रही होगी.. तो मैंने सोचा कि मैं इसे गुदगुदी करूँगा।

पर जैसे ही मेरे दिमाग में ये ख्याल आया, उसने एकदम से कहा- गुदगुदी नहीं करना..

फिर उसने आँखें बंद कर लीं और मैं सोचने लगा कि मैं क्या करूँ।

कुछ देर बाद उसने करवट ली तो उसकी पीठ मेरी तरफ हो गई।
उसकी कमीज़ इतनी ऊपर हो गई कि मैं उसके दूधिया जिस्म को आराम से देख सकूं।

मुझे नहीं पता.. यह उसने जानबूझ कर किया था या ग़लती से हो गया, पर मेरा तो दिमाग़ खराब हो गया।

फिर मैंने ज़्यादा नहीं सोचा और अपना हाथ उसकी कमीज़ में डालते हुए उसके पूरे पेट पर हाथ फेरने लगा.. फिर उसकी नाभि पर हाथ फेरा।  मैंने ये सब 2-3 बार किया और थोड़ा सा ऊपर होकर मैंने उसके गाल पर किस कर दिया।
ये सब करके मज़ा बहुत आया।

फिर मैं करवट बदल कर सोने की कोशिश करने लगा।
और मैं ये सब याद ही कर रहा था कि उसने अचानक से मेरा नाम लिया, मेरी फट कर हाथ में आ गई।

उसने बोला- मैंने तुझसे झूठ कहा था कि मुझे एकदम से नींद आ जाती है।
इतना बोल कर वो चुप हो गई।

मेरी इतनी बुरी तरह फटी पड़ी थी कि मैं पूरी रात वैसा का वैसा ही लेटा रहा।
सुबह हुई तो उसने ही मुझे उठाया। मस्ताराम.नेट

मेरी तो हिम्मत ही नहीं हो रही थी कि मैं उसकी तरफ देखूँ भी.. मुझे बहुत डर सा लग रहा था कि वो ताऊ या ताई को या मेरे मॉम-डैड को कुछ बोल ना दे।

लेकिन उसने ऐसा कुछ नहीं किया और 2-3 दिन में मैं भी उसके साथ नॉर्मली बिहेव करने लगा।

जहाँ तक मुझे याद है 15-20 दिन बाद हम अपने गाँव गए। मैं ताई के साथ ही था और गाँव में हम सभी रिश्तेदार इकट्ठे हुए थे.. शायद कोई त्यौहार था और उसी में किसी की शादी भी थी।

दो-तीन दिन बाद मैं ओर मेरी बहन.. हम दोनों एक साथ एक ही रज़ाई में लेटे हुए टीवी देख रहे थे और उस कमरे में 6-7 लोग और भी थे।

हम सभी एक फिल्म देख रहे थे.. तो उसमें एक गाना आया जो उस टाइम के हिसाब से बहुत सेक्सी था.. पर इतना भी नहीं कि सब न देख सकें।
यह गाना आजकल मेरी जैसे उम्र के लिए तो ठीक ही था।

फिल्म खत्म हुई तो सब सोने लगे।
मैं और मेरी बहन एक साथ उसी बिस्तर पर सो रहे थे।

लाइट्स बंद करने के बाद मेरी बहन ने मुझसे बात करनी शुरू की।
मैं उससे नॉर्मली बात कर रहा था और पिछले वाकिये को मैं बिल्कुल भुला चुका था।

बातें करते-करते उसने मुझसे पूछ लिया- तुझे फिल्म कैसी लगी?
मैंने कहा- अच्छी थी।
फिर उसने उसी गाने के बारे में पूछा.. तो मैंने कहा- वो भी अच्छा था।

वो गाना कौन सा था मुझे अभी याद नहीं आ रहा है पर उस गाने में एक छोटा सा सीन याद है कि उसमे हीरो हिरोइन की नाभि से लेकर उसके मुँह तक टच करता हुआ जा रहा था.. वो भी होंठों से। उसने स्मूच नहीं किया था पर बंदी के मम्मों को होंठों से टच करता हुआ सीन दिखाया गया था।

फिर बहन ने बोला- जो हीरो उस गाने में हिरोइन के साथ कर रहा था.. वो मेरे साथ कर।

मेरी फिर फट गई.. मैं कर भी क्या सकता था.. चुपचाप पड़ा रहा।

उसने फिर मुझसे वैसा करने को बोला।

मैं फिर भी पड़ा रहा, मैंने जब कोई रिस्पोन्स नहीं दिया.. तो वो बोली- कर मेरे साथ.. जो गाने में हो रहा था.. नहीं तो मैं मामी-पापा को बता दूँगी कि तूने मेरे साथ घर पर क्या किया था। मस्ताराम.नेट

मेरी तो जान हलक में आ गई।

मेरी हिम्मत की और नीचे को हुआ।

अब मैं उसकी नाभि के पास पहुँच गया और फिर ऊपर आने लगा.. पर उसे टच नहीं किया और जब उसके मम्मों के पास पहुँचा.. तो एकदम से ऊपर आकर बोला- मुझे याद नहीं है कि फिल्म में क्या हुआ था और क्या नहीं।

सेक्सी रांड को आप जैसा सांड चाहिए – 1

थोड़ी देर तक वो चुप रही ओर फिर बिना कुछ बोले सो गई। सुबह सब नॉर्मल था और मैं उस घटना को भूल गया।
इस घटना को काफ़ी टाइम हो गया है पर इसकी याद बहुत आती है।

पहले तो जब कभी याद आती थी तो बहुत ही ज़्यादा अपराध बोध होता था।
पर अब जब मैं सोचता हूँ तो यही दिमाग़ में आता है कि अगर उस रात हिम्मत की होती तो आज मैंने उसके साथ कितने मज़े किए होते।

यह घटना मुझे तब बहुत याद आई, जब उसके बड़े भाई यानि मेरा चचेरे भाई की शादी हुई।

उस शादी में उसने डीप नेक वाला कुरता और लहंगा पहन रखा था।
जब वो तैयार हो रही थी तो मुझे उसकी क्लीवेज भी दिखी थी। अब मैं सिर्फ़ उसे याद करके मुठ ही मार सकता हूँ।

तो फ्रेंड्स कैसी लगी यह स्टोरी.. इसमें वो सब नहीं था जो आप सब चाहते थे पर ये एक सच्ची घटना थी।
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