Monday, 14 August 2017

मेरी माँ की चुदाई की सच्ची कहानी जरुर पढ़े

आप सभी को मेरा प्रणाम.. मैं आपको अपनी माँ की चुदाई की कहानी बताने जा रहा हूँ वो एक सत्य घटना है। मेरा नाम रोहित है, मैं हरियाणा का रहने वाला हूँ।

ये बात उस समय की है.. जब गाँव में सरपंच के चुनाव के लिए प्रचार हो रहा था। मेरे पिताजी भी चुनाव लड़ रहे थे। घर के सभी लोग वोट मांगने के लिए पूरे दिन गाँव में घर-घर घूमते।

मेरे पिताजी के साथ-साथ उनका एक दोस्त भी चुनाव में मेरे पिताजी की हेल्प कर रहे थे, जिनका नाम पवन अंकल था। वो दिन में पिताजी के साथ घूमते और रात को देर तक हमारे घर पर ही रहते। कभी-कभी तो घर पर ही सो जाते।

गर्दन के बाद चूत अकड़ गई (Gardan Ke Bad Chut akad gayi)
रसीली चूत में मेरा लवड़ा (Rasili Choot me Mera Lavda) Antarvasna 
सिनेमा की बैक सीट में (Cinema ki Back Seat Mein) Antarvasna 
कॉपी से कुंवारी चूत तक (Copy Se Kuanari Chut Tak)
आजनबी से चुद गयी (Ajnabi Se Chud Gai)
बड़ी गांड बलि आंटी को चोदा (BADI GAND WALI AUNTY KO CHODA)
मेरी बगल की मेहेक से भाई हुआ पागल ( Meri Bagal Kii Mehek Se Bhai Hua Pagal)
19 साल बेहेन की मस्त चुदाई (19 Saal Behan Ki Mast Chudai)
चाचा की लड़की सोनिया की मस्त चूत चुसी (Chacha Ki Ladki Sonia ki Mast chut Choosi)
भाभी और उसकी बेहेन की चुदाई (Bhabhi Aur Uski Behan Ki Chudayi) 
सेक्सी पड़ोसन भाभी की चूत सफाई (Sexy Padosan Bhabhi Ki Chut Safai)
तेरी चूत की चुदाई बहुत याद आई (Teri Chut Bahut Yad Aai)

हमारे घर पर लोग देर रात तक बैठे रहते थे। मैं रात को जल्दी ही सो जाता था क्योंकि मुझे सुबह जल्दी बस पकड़ के कॉलेज जाना होता था।

चुनाव के 2-3 दिन पहले की बात है, मैं हर रोज़ की तरह उस दिन भी जल्दी सो गया था।
जब मैं सोया.. तब पिताजी, पवन अंकल और पड़ोस के कुछ लोग घर के बाहर वाले रूम में बैठकर बातें कर रहे थ। मेरी माँ, जिनकी उम्र 37 साल है.. वो घर का काम कर रही थीं।

मैं आप लोगों को मेरी माँ के बारे में बता दूँ। मेरी माँ का फ़िगर 36-32-38 का है.. उनका नाम सरिता है.. वो घर पर ही रहती हैं। मेरी माँ देखने में बहुत ही सेक्सी हैं। उनके हुस्न के बारे में मेरे दोस्त भी मेरे साथ मजाक करते थे।

उस दिन रात को मैं पेशाब करने के लिए उठा, मैं नींद में था। मैं बाथरूम की तरफ़ गया तो मुझे कुछ आवाज सुनाई दी। चूंकि मैं नींद में था तो मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। मैं बाथरूम करके आ रहा था तो मेरा ध्यान आवाज की ओर गया।
आवाज सुनने के बाद मुझे लगा कि ये आवाजें माँ के कमरे से आ रही हैं।

मैं माँ के कमरे की तरफ़ गया और खिड़की से अन्दर देखने लगा। अन्दर का नजारा देखकर मैं हैरान रह गया। अन्दर तीन लोग थे, एक मेरी माँ, पवन अंकल और एक पड़ोस का लड़का जिसका नाम राहुल है।

माँ बिस्तर पर घोड़ी बनी हुई थीं और उनकी सलवार घुटनों तक थी। पवन अंकल जीभ से माँ के चूतड़ चाट रहे रहे थे और राहुल माँ के सामने था। माँ ने राहुल का लौड़ा मुँह में लिया हुआ था। माँ की गांड बहुत ही मस्त लग रही थी..
उनकी गांड देख कर मेरा लंड भी खड़ा हो गया था, मैं चुपचाप खिड़की से देख रहा था।

पवन अंकल माँ को बोल रहे थे- सरिता, तेरी गांड बहुत खूबसूरत है.. जी तो करता है पूरी रात तेरी गांड को चाटता ही रहूं।
इतने में राहुल बोला- हाँ पवन.. दिल तो मेरा भी कर रहा है।
माँ ने अपने दोनों चूतड़ हिलाए और बोलीं- तो जल्दी कर लो.. नहीं तो कोई जग गया तो मुश्किल हो जाएगी।
राहुल बोला- भाभी कोई नहीं जागेगा.. रोहित तो दस बजे से सो रहा है और भईया को हम पूरी बोतल दारू की पिला के सुला आए हैं।

मैंने अपना मोबाइल निकाला और वीडियो बनाने लगा। इतने में पवन अंकल ने अपने लौड़े पर थूक लगाया और माँ की गांड के छेद में लगाकर एक झटका मार कर कहा- बोल कितना अन्दर गया सरिता रानी?
माँ थोड़ी दबी आवाज में बोलीं- पता नहीं, खुद ही देख लो।

फ़िर उन्होंने एक और करारा झटका मारा तो माँ के मुँह से ‘आआ.. आह्ह्ह्ह.. माआआ..’ की आवाज आई।

पवन अंकल ने और जोर का झटका मारा तो अबकी बार माँ जोर से चिल्लाईं ‘आह.. मर गईई..’
आगे से राहुल राहुल के अधखुले कच्छे से उसका लौड़ा माँ के मुँह से निकल गया तो माँ ने राहुल का लंड हाथ में ले लिया। पवन अंकल झटके मारते रहे ओर माँ ‘म्मा.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… आह्ह्ह.. ओफ्फ्..’ करती रहीं।

थोड़ी देर बाद पवन अंकल ने झटके मारने बंद कर दिए और माँ की पीठ पर लेटे रहे।

कुछ देर बाद पवन अंकल उठकर बेड पर लेट गए। पवन अंकल के लेटने के बाद राहुल ने माँ को खड़ा किया और किस करने लगा, माँ भी उसका पूरा साथ दे रही थीं।
थोड़ी देर किस करने के बाद राहुल ने माँ को सीधा लिटा दिया और उनकी सलवार पूरी तरह से निकाल कर फेंक दी। इसके बाद राहुल मेरी माँ की चुत चाटने लगा। मेरी माँ अपने सिर को हिला रही थीं और माँ ने अपने दोनों हाथों को मुठ्ठी जोर से बंद कर रखी थी।

राहुल जीभ से मेरी माँ की चूत चाट रहा था और अपने दोनों हाथों से माँ के बड़े-बड़े चूचे मसल रहा था। थोड़ी देर बाद राहुल ने अपना कच्छा निकाला तो मैं उसका लंड देख कर हैरान रह गया। उसका लंड भुजंग काला बहुत लम्बा और मोटा था।

माँ झट से उठीं और उसके लंड को अपने हाथ में ले कर सहलाने लगीं।

इतने में पवन अंकल उठ गए और माँ ने उनके लंड को भी हाथ में लिया जो कि राहुल के लंड के सामने बिल्कुल नूनी लग रहा था।

राहुल ने माँ को घोड़ी बनाया और खुद भी घोड़े की तरह पीछे लग गया। पवन अंकल ने राहुल का लंड हाथ में लिया और राहुल आगे से उठ कर माँ के ऊपर चढ़ गया।

पवन अंकल ने राहुल का लंड माँ की चूत पर लगा दिया। लंड लग जाने के बाद राहुल थोड़ा माँ के ऊपर को और चढ़ गया जिससे उसका लम्बा लंड का थोड़ा सा हिस्सा माँ की चूत में चला गया।

माँ बहुत जोर से चिल्ला पड़ीं- अह्ह्ह.. उ..ईई.. ऐईईई.. नहीं..
राहुल ने फ़िर झटका दे मारा और उसका आधा लंड मेरी माँ की चूत में घुस गया था। मेरी माँ दर्द की अधिकता से काढ़ते हुए ‘अह्ह्ह..’ कर रही थीं।

तभी राहुल ने एक और झटका मारा तो माँ को बहुत दर्द हुआ.. माँ बहुत जोर से चिल्लाने लगीं और अपनी गांड को हिलाने लगीं, जिससे राहुल का लंड कुछ बाहर को आ गया।

फ़िर राहुल ने पीछे से दोनों हाथों से माँ को पेट के ऊपर से पकड़ लिया और लंड को वापस घुसेड़ कर एक जोरदार झटका लगाया।
माँ फिर से बहुत जोर से चिल्ला पड़ीं- आहइ.. मर गई रे..

उसी वक्त मैंने देखा कि मेरी माँ की चूत से खून निकल कर चादर पर गिर रहा था। राहुल ने शायद खून देख लिया था सो अब वो थोड़ी देर तक आराम-आराम से झटके मारता रहा।

माँ थोड़ी देर में नॉर्मल हुईं.. फ़िर राहुल ने जोर-जोर से झटके मारने शुरू कर दिए।

अब माँ को भी मजा आ रहा था और वो मजे से सीत्कार करते हुए राहुल के हब्शी लंड से चुत चुदाई का मजा लेते हुए ‘अक्ह्ह्ह्ह..’ कर रही थीं।
इसी के साथ मेरी माँ ने अपनी दोनों टांगें भी फैला दीं।

कुछ देर तक करने के बाद राहुल ने अपना लंड बाहर निकाला और अपना सर माल माँ की बड़ी चुचियों पर डाल दिया। फ़िर माँ ने राहुल का लंड पकड़ा और मुँह में लेकर जीभ से चूसने लगीं। फ़िर राहुल ने लंड माँ के मुँह से निकाला और माँ ने अपनी दोनों चुचियों के ऊपर लगा माल उंगली से चाटने लगीं। फ़िर पवन अंकल और राहुल ने कपड़े पहने और मैं जल्दी से अपने कमरे में चला गया।